
बहुत से लोग जब पासपोर्ट की वैधता खत्म होने लगती है तो कहते हैं – “पासपोर्ट रिन्यू करवाना है।” लेकिन जब ऑनलाइन फॉर्म भरने बैठते हैं तो वहां “Renewal” का अलग विकल्प ही नहीं मिलता। इससे कन्फ्यूजन शुरू हो जाता है।
असल बात यह है कि भारत में पासपोर्ट Renew नहीं होता, बल्कि Reissue किया जाता है। यही सबसे बड़ा फर्क है जिसे समझना जरूरी है। गलत विकल्प चुनने से आवेदन में देरी भी हो सकती है।
इस लेख में आसान भाषा में पूरा फर्क समझते हैं।
भारत में पासपोर्ट Renewal क्यों नहीं होता?
कुछ देशों में पासपोर्ट की वैधता सीधी बढ़ा दी जाती है। लेकिन भारत में ऐसा सिस्टम नहीं है।
यहां जब पासपोर्ट की अवधि (आमतौर पर 10 साल) खत्म होती है, तो नया पासपोर्ट बुकलेट जारी किया जाता है।
इसलिए तकनीकी शब्द “Reissue of Passport” है।
Passport Reissue क्या होता है?
Reissue का मतलब है — पुराने पासपोर्ट की जगह नया पासपोर्ट जारी होना।
यह सिर्फ एक्सपायरी पर ही नहीं, बल्कि कई स्थितियों में होता है।
Reissue इन कारणों से किया जाता है:
✔ पासपोर्ट की वैधता खत्म हो गई
✔ वैधता खत्म होने वाली है
✔ पासपोर्ट के पन्ने भर गए
✔ पासपोर्ट खो गया
✔ पासपोर्ट खराब (Damaged) हो गया
✔ नाम, पता या अन्य जानकारी बदलनी है
इन सभी मामलों में “Reissue” ही सही विकल्प होता है।
Renewal शब्द का मतलब क्या है?
आम बोलचाल में लोग “Renewal” कहते हैं, जिसका मतलब होता है:
वैधता बढ़वाना
लेकिन भारत में वैधता बढ़ाने की अलग प्रक्रिया नहीं है। हर बार नई बुकलेट जारी होती है। इसलिए Renewal शब्द सिर्फ आम भाषा में इस्तेमाल होता है, सरकारी प्रक्रिया में नहीं।
एक आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपका पासपोर्ट 2015 में बना था और 2025 में उसकी वैधता खत्म हो रही है।
आप क्या करेंगे?
- नया आवेदन करेंगे
- “Reissue of Passport” चुनेंगे
- नया पासपोर्ट मिलेगा
पुराने पासपोर्ट की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।
Reissue की पूरी प्रक्रिया कैसे होती है?
1️⃣ ऑनलाइन आवेदन
पासपोर्ट पोर्टल पर लॉगिन करें और “Reissue” चुनें।
2️⃣ कारण चुनें
कारण चुनना जरूरी है, जैसे:
- Expiry
- Lost
- Damaged
- Change in Personal Details
3️⃣ फॉर्म भरें
पुरानी जानकारी सावधानी से भरें। नाम और जन्म तिथि में गलती न करें।
4️⃣ फीस जमा करें
सामान्य और तत्काल श्रेणी की फीस अलग होती है।
5️⃣ अपॉइंटमेंट लें
पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में दस्तावेज़ सत्यापन होगा।
6️⃣ पुलिस वेरिफिकेशन (यदि लागू हो)
स्थिति के अनुसार दोबारा पुलिस जांच हो सकती है।
7️⃣ नया पासपोर्ट जारी
सत्यापन पूरा होने के बाद नया पासपोर्ट प्रिंट होकर आपके पते पर भेजा जाता है।
Reissue में पुलिस वेरिफिकेशन कब होता है?
यह पूरी तरह आपके मामले पर निर्भर करता है।
✔ सिर्फ एक्सपायरी हो और जानकारी वही हो – हर बार वेरिफिकेशन जरूरी नहीं
✔ पता बदला हो – वेरिफिकेशन संभव
✔ पासपोर्ट खो गया हो – जांच सख्त हो सकती है
✔ नाम बदला हो – अतिरिक्त जांच हो सकती है
क्या Reissue में नया पासपोर्ट नंबर मिलता है?
हाँ।
हर Reissue में नया पासपोर्ट नंबर जारी होता है।
पुराना पासपोर्ट रिकॉर्ड के लिए रखा जाता है।
Reissue के लिए जरूरी दस्तावेज़
✔ पुराना पासपोर्ट
✔ आधार कार्ड
✔ पते का प्रमाण
✔ नाम परिवर्तन का प्रमाण (यदि लागू)
✔ FIR (यदि पासपोर्ट खो गया हो)
लोग कौन-सी आम गलतियां करते हैं?
❌ Renewal खोजते रहते हैं जबकि विकल्प Reissue होता है
❌ सही कारण नहीं चुनते
❌ नाम परिवर्तन छिपा देते हैं
❌ पुराना पासपोर्ट साथ नहीं ले जाते
❌ खोने पर FIR नहीं कराते
कब आवेदन करना सही रहता है?
✔ एक्सपायरी से लगभग 1 साल पहले भी आवेदन कर सकते हैं
✔ एक्सपायरी के बाद भी कर सकते हैं
✔ विदेश यात्रा से पहले समय पर आवेदन करें
आखिरी समय तक इंतजार करना ठीक नहीं है।
क्या एक्सपायर्ड पासपोर्ट रखना गलत है?
नहीं।
लेकिन एक्सपायर्ड पासपोर्ट से यात्रा नहीं की जा सकती।
वीज़ा आवेदन के लिए भी वैध पासपोर्ट जरूरी होता है।
निष्कर्ष
भारत में पासपोर्ट Renewal की अलग प्रक्रिया नहीं है। हर स्थिति में Reissue ही सही विकल्प होता है।
अगर पासपोर्ट की वैधता खत्म हो रही है, पन्ने भर गए हैं, या जानकारी बदलनी है, तो Reissue के लिए आवेदन करें।
गलत विकल्प चुनने से आवेदन में देरी हो सकती है, इसलिए पहले प्रक्रिया समझना जरूरी है।
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