MP Street Vendor Registration 2026: पात्रता, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज, PM SVANidhi Loan और लाभ

अगर आप मध्य प्रदेश में सड़क किनारे ठेला, रेहड़ी, छोटी दुकान, फुटपाथ या किसी अस्थायी जगह से सब्जी, फल, चाय, नाश्ता, कपड़े, जूते या दूसरी रोजमर्रा की चीजें बेचते हैं, तो MP Street Vendor Registration आपके लिए काफी उपयोगी हो सकता है।

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स्ट्रीट वेंडर के रूप में पहचान होने से आपको सरकारी योजनाओं और औपचारिक ऋण सुविधाओं से जुड़ने में मदद मिल सकती है। इनमें सबसे प्रमुख योजना प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) है। इस योजना के तहत पात्र रेहड़ी-पटरी वालों को बिना किसी जमानत के कारोबार के लिए कार्यशील पूंजी का ऋण दिया जाता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यह योजना 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।

इस लेख में हम मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर पंजीकरण, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, वेंडिंग प्रमाणपत्र, ऑनलाइन आवेदन, PM SVANidhi के तहत मिलने वाले ऋण, ब्याज में छूट, डिजिटल भुगतान का लाभ और आवेदन करते समय ध्यान रखने वाली जरूरी बातों को विस्तार से समझेंगे।

MP Street Vendor Registration क्या है?

MP Street Vendor Registration का मतलब मध्य प्रदेश में सड़क या सार्वजनिक स्थान पर सामान बेचने या सेवा देने वाले पात्र व्यक्ति की स्थानीय निकाय के माध्यम से पहचान और पंजीकरण से है।

स्ट्रीट वेंडर कई तरह से अपना छोटा कारोबार चला सकते हैं। उदाहरण के लिए—

  • हाथ से चलने वाला ठेला
  • रेहड़ी
  • सड़क किनारे छोटी दुकान
  • फुटपाथ पर दुकान
  • अस्थायी दुकान
  • निर्धारित वेंडिंग क्षेत्र
  • चलती-फिरती दुकान या सामान बेचने की व्यवस्था

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर सामान बेचने या छोटी सेवाएं देने वाले लोग भी इस श्रेणी में आ सकते हैं। इसमें सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, चाय बेचने वाले, खाने-पीने की चीजें बेचने वाले, मोची, नाई और कपड़े बेचने वाले जैसे छोटे कारोबारी शामिल हो सकते हैं।

PM SVANidhi योजना क्या है?

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) केंद्र सरकार की योजना है, जिसे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जून 2020 में शुरू किया गया था।

इसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर छोटा कारोबार करने वाले लोगों को अपने कारोबार के लिए आसानी से कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है।

शुरुआत में यह योजना कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित हुए रेहड़ी-पटरी वालों को दोबारा अपना काम शुरू करने में सहायता देने के लिए लाई गई थी। बाद में योजना में बदलाव करके इसे आगे बढ़ाया गया है।

वर्तमान व्यवस्था में ऋण की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है और योजना के तहत नए लाभार्थियों को भी शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्य प्रदेश में कौन स्ट्रीट वेंडर माना जा सकता है?

स्ट्रीट वेंडर वह व्यक्ति हो सकता है जो सड़क, फुटपाथ, सार्वजनिक स्थान या निर्धारित क्षेत्र में लोगों को सामान बेचता है या कोई छोटी सेवा प्रदान करता है।

उदाहरण के तौर पर—

  • सब्जी बेचने वाले
  • फल बेचने वाले
  • चाय बेचने वाले
  • स्ट्रीट फूड बेचने वाले
  • नाश्ता बेचने वाले
  • फूल बेचने वाले
  • कपड़े बेचने वाले
  • छोटे सड़क किनारे दुकानदार
  • मोची
  • नाई
  • कपड़े धोने की सेवा देने वाले
  • सार्वजनिक स्थानों पर छोटी दुकान लगाने वाले अन्य कारोबारी

हालांकि, किसी व्यक्ति को स्ट्रीट वेंडर के रूप में मान्यता देने की अंतिम प्रक्रिया संबंधित स्थानीय निकाय और लागू नियमों के अनुसार होती है।

MP Street Vendor Registration के लिए कौन पात्र है?

पात्रता स्थानीय निकाय और लागू स्ट्रीट वेंडिंग नियमों के आधार पर निर्धारित की जाती है।

सामान्य रूप से ऐसा व्यक्ति इस प्रक्रिया के लिए पात्र हो सकता है जो—

  • मध्य प्रदेश के किसी पात्र शहरी क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडिंग का काम करता हो।
  • सड़क, फुटपाथ, ठेले, रेहड़ी या अन्य सार्वजनिक स्थान से सामान या सेवा देता हो।
  • संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित आवश्यक पहचान या सत्यापन पूरा कर सके।
  • PM SVANidhi के लिए आवेदन करते समय योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करता हो।

PM SVANidhi के लिए स्थानीय निकाय और राज्य सरकारें सर्वे तथा वेंडिंग प्रमाणपत्र से संबंधित प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

MP Street Vendor Registration क्यों जरूरी है?

स्ट्रीट वेंडर के रूप में पंजीकरण होने से छोटे कारोबारियों को सरकारी सहायता से जुड़ने में सुविधा हो सकती है।

इसके संभावित लाभों में शामिल हैं—

  • सरकारी रिकॉर्ड में पहचान
  • PM SVANidhi जैसी योजनाओं तक पहुंच
  • कारोबार के लिए ऋण सुविधा
  • कार्यशील पूंजी की व्यवस्था
  • डिजिटल भुगतान से जुड़ने का अवसर
  • औपचारिक बैंकिंग सुविधा तक बेहतर पहुंच
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का अवसर
  • छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता

हालांकि, केवल स्ट्रीट वेंडर के रूप में पंजीकरण होने से बैंक ऋण अपने आप मंजूर नहीं हो जाता। ऋण की मंजूरी योजना की शर्तों और संबंधित बैंक या ऋणदाता की प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

MP Street Vendor Registration के लिए जरूरी दस्तावेज

स्थानीय निकाय के अनुसार दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित नगर निकाय से वर्तमान दस्तावेजों की जानकारी लेना अच्छा रहेगा।

सामान्य रूप से ये चीजें तैयार रखनी चाहिए—

दस्तावेज / जानकारीउपयोग
आधार कार्डपहचान के लिए
मोबाइल नंबरसंपर्क और सत्यापन के लिए
फोटोपहचान संबंधी रिकॉर्ड के लिए
पतानिवास संबंधी जानकारी
बैंक खाता विवरणऋण या सरकारी भुगतान के लिए
कारोबार की जानकारीवेंडिंग गतिविधि के सत्यापन के लिए
वेंडिंग प्रमाणपत्रजहां लागू हो
वेंडिंग पहचान पत्रजहां उपलब्ध हो
अन्य दस्तावेजस्थानीय निकाय की मांग के अनुसार

PM SVANidhi के लिए वेंडिंग प्रमाणपत्र या स्थानीय निकाय द्वारा जारी वेंडिंग पहचान से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

MP Street Vendor Registration कैसे करें?

मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर से जुड़ी प्रक्रिया संबंधित शहरी स्थानीय निकाय के माध्यम से की जा सकती है।

आप अपने क्षेत्र के अनुसार—

  • नगर निगम
  • नगरपालिका
  • नगर परिषद
  • संबंधित शहरी स्थानीय निकाय
  • अधिकृत कियोस्क या सुविधा केंद्र

से संपर्क कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश सरकार की जानकारी के अनुसार शहरी स्ट्रीट वेंडर स्थानीय निकाय कार्यालय, मोबाइल से स्वयं पंजीकरण या कियोस्क केंद्र के माध्यम से PM SVANidhi से संबंधित सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

PM SVANidhi के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

अगर आपका उद्देश्य PM SVANidhi के तहत कारोबार के लिए ऋण लेना है, तो पात्र स्ट्रीट वेंडर आधिकारिक PM SVANidhi पोर्टल या मोबाइल माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक प्रक्रिया में सामान्य रूप से वेंडर की व्यक्तिगत और कारोबार संबंधी जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद आवश्यक सत्यापन पूरा करके आवेदन आगे भेजा जाता है।

ऑनलाइन आवेदन से पहले अपने आधार, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और वेंडिंग से संबंधित जानकारी तैयार रखें।

आधिकारिक PM SVANidhi पोर्टल पर ही आवेदन करें।

PM SVANidhi में कितना ऋण मिलता है?

वर्तमान व्यवस्था में PM SVANidhi के तहत तीन चरणों में कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

ऋण का चरणअधिकतम ऋणचुकाने की अवधि
पहला चरण₹15,000 तक12 महीने
दूसरा चरण₹25,000 तक18 महीने
तीसरा चरण₹50,000 तक36 महीने

ये ऋण बिना किसी जमानत के दिए जाने वाले कार्यशील पूंजी ऋण हैं। अगले चरण का ऋण लेने के लिए पिछले चरण के ऋण को समय पर या निर्धारित शर्तों के अनुसार चुकाना जरूरी होता है।

क्या PM SVANidhi का ऋण ब्याज मुक्त है?

PM SVANidhi को पूरी तरह ब्याज मुक्त ऋण समझना सही नहीं है।

पात्र लाभार्थियों को योजना की शर्तों के अनुसार 7 प्रतिशत सालाना ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी निर्धारित नियमों के अनुसार लाभार्थी के खाते में दी जाती है।

वास्तविक ब्याज दर संबंधित बैंक या ऋणदाता की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करती है।

पहला ऋण चुकाने के बाद क्या होगा?

PM SVANidhi में ऋण की राशि धीरे-धीरे बढ़ाने की व्यवस्था रखी गई है।

अगर लाभार्थी पहला ऋण सफलतापूर्वक चुका देता है, तो वह अगले चरण में ₹25,000 तक के ऋण के लिए पात्र हो सकता है।

दूसरे चरण का ऋण सफलतापूर्वक चुकाने के बाद तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को धीरे-धीरे औपचारिक ऋण व्यवस्था से जोड़ना और उनका ऋण इतिहास मजबूत करना है।

स्ट्रीट वेंडर को ₹30,000 तक का RuPay Credit Card

योजना में किए गए बदलावों के बाद पात्र स्ट्रीट वेंडरों के लिए UPI से जुड़ा RuPay Credit Card भी शामिल किया गया है।

दूसरे चरण का ऋण सफलतापूर्वक चुकाने वाले पात्र वेंडर को इस सुविधा के तहत ₹30,000 तक की सीमा वाला क्रेडिट कार्ड मिल सकता है। हालांकि, यह सुविधा पात्रता और संबंधित ऋणदाता की प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

डिजिटल भुगतान करने पर क्या लाभ मिलता है?

PM SVANidhi के तहत डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की गई है।

पात्र वेंडर निर्धारित शर्तों के अनुसार डिजिटल खुदरा और थोक लेनदेन पर कैशबैक का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार द्वारा घोषित व्यवस्था में यह प्रोत्साहन ₹1,600 तक हो सकता है।

डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से छोटे दुकानदारों के लेनदेन का रिकॉर्ड भी तैयार होता है, जिससे भविष्य में औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में मदद मिल सकती है।

SVANidhi से समृद्धि क्या है?

PM SVANidhi केवल ऋण देने तक सीमित नहीं है।

SVANidhi से समृद्धि के माध्यम से पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारों को कुछ अन्य केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

इसके अलावा वेंडरों के लिए अलग-अलग प्रकार की प्रशिक्षण गतिविधियां भी की जा सकती हैं, जैसे—

  • वित्तीय जानकारी
  • डिजिटल भुगतान की जानकारी
  • कारोबार चलाने का प्रशिक्षण
  • बाजार से जुड़ी जानकारी
  • खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता

स्ट्रीट फूड बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।

MP Street Vendor Registration के लिए कोई शुल्क लगता है?

मध्य प्रदेश सरकार की योजना संबंधी जानकारी में PM SVANidhi आवेदन शुल्क शून्य बताया गया है।

इसलिए यदि कोई व्यक्ति केवल सरकारी आवेदन कराने के नाम पर मनमानी रकम मांगता है, तो सावधान रहें।

आवेदन से पहले अपने स्थानीय निकाय या आधिकारिक PM SVANidhi पोर्टल से वर्तमान शुल्क और प्रक्रिया की पुष्टि करें।

वेंडिंग प्रमाणपत्र क्या होता है?

वेंडिंग प्रमाणपत्र स्ट्रीट वेंडर की पहचान और मान्यता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

स्ट्रीट वेंडरों का सर्वे और वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित शहरी स्थानीय निकाय और राज्य सरकारों की प्रक्रिया के अनुसार होती है।

अगर आपके पास वेंडिंग प्रमाणपत्र या वेंडिंग पहचान पत्र है, तो उसे सुरक्षित रखना चाहिए क्योंकि कुछ सरकारी सुविधाओं के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।

क्या बिना वेंडिंग प्रमाणपत्र के PM SVANidhi के लिए आवेदन कर सकते हैं?

हर आवेदक के लिए स्थिति एक जैसी नहीं होती। आवेदन की प्रक्रिया वेंडर की पहचान और स्थानीय निकाय के रिकॉर्ड के आधार पर अलग हो सकती है।

इसलिए अगर आपके पास वेंडिंग प्रमाणपत्र नहीं है, तो खुद को सीधे अपात्र न मानें।

अपने क्षेत्र के संबंधित नगर निकाय या अधिकृत PM SVANidhi सहायता केंद्र से संपर्क करके अपनी स्थिति की जानकारी लें। योजना में अलग-अलग पहचान संबंधी रास्ते उपलब्ध हो सकते हैं।

मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर कहां आवेदन करें?

आपके शहर के अनुसार संबंधित स्थानीय निकाय अलग हो सकता है।

आप यहां संपर्क कर सकते हैं—

  • नगर निगम
  • नगर पालिका
  • नगर परिषद
  • संबंधित शहरी स्थानीय निकाय
  • अधिकृत कियोस्क या सुविधा केंद्र

मध्य प्रदेश में मोबाइल से स्वयं पंजीकरण और कियोस्क केंद्र के माध्यम से PM SVANidhi संबंधी आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।

Street Vendor Registration और PM SVANidhi में क्या अंतर है?

इन दोनों को एक ही चीज समझना सही नहीं है।

Street Vendor Registration का संबंध स्ट्रीट वेंडर की पहचान और स्थानीय स्तर पर पंजीकरण से है।

वहीं PM SVANidhi केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र स्ट्रीट वेंडरों को कार्यशील पूंजी का ऋण और दूसरी सुविधाएं मिल सकती हैं।

इसलिए केवल स्ट्रीट वेंडर के रूप में पंजीकरण हो जाने का मतलब यह नहीं है कि बैंक से ऋण अपने आप मंजूर हो जाएगा।

ऋण के लिए अलग से योजना के अनुसार आवेदन और संबंधित बैंक की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

आवेदन जमा करने से पहले अपनी जानकारी अच्छी तरह जांच लें।

विशेष रूप से—

  • आधार में नाम सही होना चाहिए।
  • मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए।
  • बैंक खाते की जानकारी सही होनी चाहिए।
  • व्यक्तिगत जानकारी दस्तावेजों से मेल खानी चाहिए।
  • अपने कारोबार की सही जानकारी दें।
  • वेंडिंग से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज संभालकर रखें।
  • केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत केंद्र का उपयोग करें।
  • आवेदन या संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें।

किसी भी व्यक्ति को अपना OTP, बैंक PIN या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड न बताएं।

PM SVANidhi की 2026 में नई जानकारी

PM SVANidhi में 2025 में बदलाव किए गए और योजना की ऋण अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाया गया। पहले चरण की अधिकतम ऋण राशि बढ़ाकर ₹15,000 और दूसरे चरण की ₹25,000 की गई है, जबकि तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण उपलब्ध है।

योजना में UPI से जुड़ा RuPay Credit Card और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसके अलावा योजना का दायरा कुछ अन्य शहरी और आसपास के क्षेत्रों तक चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है।

MP Street Vendor Registration के फायदे एक नजर में

सुविधाजानकारी
स्ट्रीट वेंडर पहचानस्थानीय निकाय के माध्यम से
PM SVANidhi पहला ऋण₹15,000 तक
दूसरा ऋण₹25,000 तक
तीसरा ऋण₹50,000 तक
जमानतनहीं
ब्याज सहायता7% तक, पात्रता के अनुसार
डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन₹1,600 तक, शर्तों के अनुसार
RuPay Credit Card₹30,000 तक, पात्रता के अनुसार
योजना की अवधि31 मार्च 2030 तक
आवेदन शुल्कमध्य प्रदेश की योजना जानकारी में शून्य

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में छोटा कारोबार करने वाले रेहड़ी-पटरी और सड़क किनारे सामान बेचने वाले लोगों के लिए MP Street Vendor Registration काफी उपयोगी हो सकता है। इससे वेंडर की पहचान औपचारिक रूप से दर्ज होने और सरकारी सहायता से जुड़ने का रास्ता आसान हो सकता है।

PM SVANidhi के तहत पात्र वेंडरों को पहले चरण में ₹15,000, दूसरे में ₹25,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण मिल सकता है। इसके साथ ब्याज में सहायता, डिजिटल भुगतान पर प्रोत्साहन और कुछ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

अगर आप मध्य प्रदेश में ठेला, रेहड़ी या सड़क किनारे छोटी दुकान चलाते हैं, तो अपने क्षेत्र के नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद से अपनी स्ट्रीट वेंडर पहचान और पंजीकरण की जानकारी जरूर लें। PM SVANidhi के ऋण के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यम का ही इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

MP Street Vendor Registration क्या है?
यह मध्य प्रदेश में पात्र स्ट्रीट वेंडरों की स्थानीय निकाय के माध्यम से पहचान और पंजीकरण की प्रक्रिया है। इससे वेंडर को सरकारी सहायता और योजनाओं से जुड़ने में मदद मिल सकती है।

मध्य प्रदेश में कौन स्ट्रीट वेंडर के रूप में पंजीकरण करा सकता है?
सब्जी, फल, चाय, खाना, कपड़े और दूसरी वस्तुएं बेचने वाले तथा मोची, नाई या अन्य छोटी सेवाएं देने वाले लोग स्ट्रीट वेंडर की श्रेणी में आ सकते हैं। अंतिम पात्रता स्थानीय नियम और सत्यापन के आधार पर तय होती है।

PM SVANidhi में कितना ऋण मिलता है?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार पहले चरण में ₹15,000 तक, दूसरे चरण में ₹25,000 तक और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है। अगले चरण का लाभ पिछले ऋण की सफल अदायगी और अन्य शर्तों पर निर्भर करता है।

क्या PM SVANidhi का ऋण बिना जमानत मिलता है?
हां, योजना के वर्तमान नियमों के अनुसार कार्यशील पूंजी के लिए दिए जाने वाले ये ऋण बिना जमानत के होते हैं।

क्या PM SVANidhi के लिए आवेदन शुल्क लगता है?
मध्य प्रदेश सरकार की योजना संबंधी जानकारी में आवेदन शुल्क शून्य बताया गया है। फिर भी आवेदन से पहले स्थानीय निकाय या आधिकारिक पोर्टल से वर्तमान जानकारी की पुष्टि करें।

MP Street Vendor Registration के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आम तौर पर आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पता, बैंक खाते की जानकारी और कारोबार से जुड़े दस्तावेज रखने चाहिए। स्थानीय निकाय आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकता है।

क्या Street Vendor Registration के बाद PM SVANidhi Loan मिल जाता है?
पंजीकरण होने के बाद पात्र वेंडर PM SVANidhi के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन केवल पंजीकरण होने से ऋण की मंजूरी की गारंटी नहीं होती। आवेदन योजना और बैंक की निर्धारित शर्तों के अनुसार स्वीकृत होता है।

मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर कहां आवेदन कर सकता है?
वेंडर अपने क्षेत्र के नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद या संबंधित शहरी स्थानीय निकाय से संपर्क कर सकता है। PM SVANidhi के लिए अधिकृत कियोस्क और आधिकारिक ऑनलाइन माध्यम भी उपलब्ध हो सकते हैं।

PM SVANidhi की वर्तमान ऋण सीमा क्या है?
वर्तमान व्यवस्था में पहले चरण में ₹15,000 तक, दूसरे चरण में ₹25,000 तक और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है। योजना की ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।

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