
ब्रेड भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। इसे स्थानीय बेकरी, किराना दुकान, बड़े खाद्य कारोबार और रेस्तरां आदि अलग-अलग तरीकों से बेचते हैं। ऐसे में ब्रेड बेचने वाले कारोबारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि ब्रेड पर GST कितना है, कौन-सी ब्रेड GST से मुक्त है, कौन-सा HSN Code इस्तेमाल किया जाता है और ITC का क्या नियम है।
ब्रेड पर GST को लेकर इंटरनेट पर कई ऐसी जानकारियां मिलती हैं जिनमें पैकेट वाली, ब्रांडेड या स्वाद वाली ब्रेड के लिए अलग-अलग दरें बताई जाती हैं। लेकिन वर्तमान CBIC GST दर सूची के अनुसार HSN 1905 के अंतर्गत “Bread (branded or otherwise), except when served for consumption and pizza bread” पर GST की दर शून्य है। वहीं Pizza Bread पर 5% और Rusks, Toasted Bread तथा इसी तरह के Toasted Products पर 5% GST दिया गया है।
इसलिए किसी पुराने लेख के आधार पर पैकेट वाली या ब्रांडेड सामान्य ब्रेड पर 5% या 12% GST लगाना सही नहीं होगा। उत्पाद का वास्तविक वर्गीकरण और वर्तमान सरकारी दर देखना जरूरी है।
इस लेख में ब्रेड पर GST से जुड़ी पूरी जानकारी आसान भाषा में समझते हैं।
ब्रेड पर GST कितना है?
वर्तमान CBIC की GST दर सूची में सामान्य Bread, चाहे वह branded हो या otherwise, और जब वह उपभोग के लिए परोसी नहीं जा रही हो, पर GST की दर 0% दी गई है। इसी सूची में Pizza Bread को अलग से 5% GST वाली श्रेणी में रखा गया है।
इसका मतलब यह है कि केवल ब्रेड के पैकेट पर ब्रांड लिखा होने की वजह से सामान्य ब्रेड पर 5% GST नहीं लगाया जाना चाहिए।
ब्रेड पर लागू GST को आसान तरीके से समझें
| उत्पाद | HSN | GST दर |
|---|---|---|
| सामान्य ब्रेड | 1905 | 0% |
| ब्रांडेड सामान्य ब्रेड | 1905 | 0% |
| बिना ब्रांड वाली सामान्य ब्रेड | 1905 | 0% |
| Pizza Bread | 1905 | 5% |
| Rusk / Toasted Bread | 1905 40 00 | 5% |
| अन्य बेकरी उत्पाद | वर्गीकरण के अनुसार | अलग दर हो सकती है |
CBIC की वर्तमान सूची में सामान्य ब्रेड को ब्रांडेड या बिना ब्रांड वाली दोनों स्थिति में 0% रखा गया है। Pizza Bread और Rusk/Toasted Bread के लिए अलग प्रविष्टियां हैं।
क्या पैकेट वाली ब्रेड पर GST लगता है?
सामान्य पैकेट वाली ब्रेड को केवल पैकेट में होने की वजह से कर योग्य नहीं माना जा सकता।
वर्तमान CBIC सूची में HSN 1905 के अंतर्गत ब्रांडेड या बिना ब्रांड वाली Bread को 0% GST वाली श्रेणी में रखा गया है। इसलिए यदि उत्पाद सामान्य ब्रेड की इसी श्रेणी में आता है, तो केवल उसकी पैकिंग या ब्रांड के कारण उस पर 5% GST नहीं लगाया जाना चाहिए।
हालांकि, अगर उत्पाद वास्तव में सामान्य ब्रेड नहीं है और किसी दूसरी श्रेणी में आता है, तो उसका GST अलग हो सकता है। इसलिए उत्पाद का सही वर्गीकरण करना बहुत जरूरी है।
क्या ब्रांडेड ब्रेड पर GST लगता है?
सामान्य ब्रांडेड ब्रेड के बारे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्रांड होने से अकेले GST नहीं लगता।
CBIC की GST दर सूची में HSN 1905 के तहत “Bread (branded or otherwise)” को 0% GST वाली श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ है कि सामान्य ब्रेड पर ब्रांड होने या न होने के आधार पर GST की दर नहीं बदलती।
इसलिए “ब्रांडेड ब्रेड पर 5% GST” जैसी जानकारी को बिना वर्तमान सरकारी दर सूची देखे सही नहीं मानना चाहिए।
क्या बिना ब्रांड वाली ब्रेड पर GST लगता है?
सामान्य बिना ब्रांड वाली ब्रेड भी 0% GST वाली श्रेणी में आती है, बशर्ते वह संबंधित HSN 1905 की Bread वाली प्रविष्टि के अंतर्गत आती हो।
यानी सामान्य ब्रेड के मामले में यह कहना सही नहीं होगा कि केवल बिना ब्रांड होने के कारण उसे अलग GST दर मिलेगी।
CBIC की सूची में सामान्य Bread के लिए “branded or otherwise” दोनों शब्द दिए गए हैं।
क्या Pizza Bread पर GST लगता है?
हाँ। सामान्य Bread और Pizza Bread को GST दर सूची में अलग-अलग रखा गया है।
CBIC की वर्तमान सूची के अनुसार Pizza Bread पर 5% GST है। HSN 1905 के अंतर्गत Pizza Bread के लिए 2.5% CGST और 2.5% SGST/UTGST या 5% IGST की दर दी गई है।
इसलिए Pizza Bread को सामान्य Bread मानकर 0% GST नहीं लगाया जाना चाहिए।
क्या Rusk और Toasted Bread पर GST लगता है?
Rusk, Toasted Bread और इसी तरह के Toasted Products के लिए अलग GST प्रविष्टि है।
वर्तमान CBIC दर सूची में HSN 1905 40 00 के अंतर्गत Rusks, Toasted Bread and similar toasted products पर 5% GST दिया गया है।
इसलिए सामान्य Bread और Rusk को एक ही श्रेणी में रखकर दोनों पर 0% GST लगाना सही नहीं होगा।
Garlic Bread पर GST कैसे तय होगा?
Garlic Bread के मामले में केवल उसके नाम के आधार पर GST दर तय नहीं की जानी चाहिए।
यह देखना जरूरी है कि संबंधित उत्पाद वास्तव में किस HSN श्रेणी में आता है और वह सामान्य Bread की श्रेणी में आता है या किसी दूसरे बेकरी उत्पाद की श्रेणी में।
उदाहरण के लिए, किसी दुकान में बेचा जाने वाला पैक किया हुआ Garlic Bread और किसी रेस्तरां में तैयार करके ग्राहक को परोसा गया Garlic Bread एक जैसा लेनदेन नहीं है।
इसलिए Garlic Bread बेचने वाले कारोबारी को उत्पाद की वास्तविक संरचना, वर्गीकरण और बिक्री के तरीके को देखकर GST दर तय करनी चाहिए।
रेस्तरां में परोसी जाने वाली ब्रेड का क्या होगा?
CBIC की दर सूची में सामान्य Bread की 0% वाली प्रविष्टि के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि यह स्थिति उस Bread के लिए है जो “served for consumption” नहीं है।
इसलिए अगर ब्रेड को रेस्तरां में तैयार भोजन या सेवा के हिस्से के रूप में ग्राहक को परोसा जाता है, तो उसे दुकान से पैकेट वाली ब्रेड बेचने के समान नहीं माना जाना चाहिए।
रेस्तरां में भोजन और सेवा पर लागू GST नियम अलग से देखे जाते हैं। इसलिए रेस्तरां को सामान्य पैकेट वाली Bread की 0% दर को अपनी हर Bread-based food item पर सीधे लागू नहीं करना चाहिए।
ब्रेड का HSN Code क्या है?
सामान्य Bread के लिए HSN 1905 है।
CBIC की वर्तमान GST दर सूची में Bread को HSN 1905 के अंतर्गत रखा गया है। उसी HSN में Pizza Bread और अन्य संबंधित बेकरी उत्पादों की अलग-अलग प्रविष्टियां भी दी गई हैं।
ब्रेड और संबंधित उत्पादों के HSN की जानकारी
| उत्पाद | HSN Code | GST |
|---|---|---|
| सामान्य Bread | 1905 | 0% |
| Pizza Bread | 1905 | 5% |
| Rusk | 1905 40 00 | 5% |
| Toasted Bread | 1905 40 00 | 5% |
| अन्य संबंधित बेकरी उत्पाद | 1905 की संबंधित उप-श्रेणी | वर्गीकरण के अनुसार |
इस तालिका से साफ है कि केवल “1905” देखकर हर बेकरी उत्पाद पर एक ही GST दर नहीं लगाई जा सकती।
HSN Code सही डालना क्यों जरूरी है?
HSN Code किसी वस्तु के कर वर्गीकरण को पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर कारोबारी बिल में गलत HSN Code डाल देता है, तो बिक्री और GST रिटर्न में गलत जानकारी जा सकती है।
बेकरी में कई प्रकार के उत्पाद होते हैं। इसलिए सभी वस्तुओं के लिए केवल एक ही HSN Code का इस्तेमाल करना सही नहीं हो सकता।
उदाहरण के लिए:
- सामान्य Bread की अलग प्रविष्टि है।
- Pizza Bread की अलग प्रविष्टि है।
- Rusk और Toasted Bread के लिए अलग उप-श्रेणी दी गई है।
- Cake, Biscuit, Pastry और दूसरे बेकरी उत्पादों की अलग कर स्थिति हो सकती है।
इसलिए बिल बनाते समय वास्तविक उत्पाद के अनुसार HSN चुनना चाहिए।
क्या सभी बेकरी उत्पाद GST से मुक्त हैं?
नहीं। सामान्य Bread की GST दर 0% होने का मतलब यह नहीं है कि बेकरी में बिकने वाला हर उत्पाद GST से मुक्त है।
CBIC की दर सूची में सामान्य Bread को 0% वाली श्रेणी में रखा गया है, लेकिन Pizza Bread और Rusk/Toasted Bread के लिए 5% GST दिया गया है। वहीं अन्य बेकरी उत्पादों के लिए अलग प्रविष्टियां हो सकती हैं।
इसलिए बेकरी कारोबारी को हर उत्पाद का अलग वर्गीकरण देखना चाहिए।
ब्रेड पर GST की गणना का उदाहरण
मान लीजिए कोई कारोबारी ऐसी सामान्य Bread बेच रहा है जो HSN 1905 की 0% वाली प्रविष्टि के अंतर्गत आती है।
अगर Bread की कीमत ₹100 है, तो:
| विवरण | राशि |
|---|---|
| ब्रेड का मूल्य | ₹100 |
| GST | ₹0 |
| ग्राहक से कुल राशि | ₹100 |
अब मान लीजिए कोई Pizza Bread ₹100 में बेची जा रही है और उस पर 5% GST लागू है।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| Pizza Bread का मूल्य | ₹100 |
| GST @ 5% | ₹5 |
| कुल राशि | ₹105 |
यह उदाहरण समझाने के लिए है। वास्तविक बिल में कर की गणना करते समय उत्पाद का सही वर्गीकरण और लागू GST नियम देखना चाहिए।
क्या सामान्य ब्रेड पर CGST और SGST लगता है?
अगर सामान्य Bread उस 0% GST वाली श्रेणी में आती है, तो उस पर CGST और SGST की राशि भी शून्य होगी।
यानी ₹100 की सामान्य Bread पर:
- CGST = ₹0
- SGST = ₹0
- कुल GST = ₹0
दूसरी ओर, 5% GST वाले उत्पाद में एक ही राज्य के भीतर बिक्री होने पर सामान्यतः CGST और SGST में कर विभाजित होता है, जबकि दूसरे राज्य की आपूर्ति में IGST लागू हो सकता है।
ब्रेड बेचने वाले कारोबारी को बिल कैसे बनाना चाहिए?
बेकरी कारोबार में सही बिल बनाना बहुत जरूरी है। कर योग्य उत्पाद बेचते समय बिल में आवश्यक GST संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी चाहिए।
बिल में सामान्यतः यह जानकारी शामिल हो सकती है:
- कारोबारी का नाम
- GSTIN
- बिल संख्या
- बिल की तारीख
- ग्राहक की जानकारी, जहां आवश्यक हो
- उत्पाद का नाम
- HSN Code
- उत्पाद की मात्रा
- कीमत
- कर योग्य मूल्य
- GST दर
- CGST और SGST या IGST
- कुल राशि
अगर बिल में एक साथ सामान्य Bread, Pizza Bread और Rusk जैसे अलग-अलग उत्पाद बेचे जा रहे हैं, तो उन्हें सही वर्गीकरण और लागू GST के अनुसार दर्ज करना चाहिए।
GST से मुक्त ब्रेड की बिक्री में क्या ध्यान रखें?
GST में पंजीकृत कारोबारी को यह समझना चाहिए कि पंजीकरण होने का मतलब यह नहीं है कि हर बिक्री पर GST लेना ही होगा।
अगर कोई वस्तु GST से मुक्त है, तो उस बिक्री का रिकॉर्ड भी सही तरीके से रखना जरूरी है।
विशेष रूप से ऐसी बेकरी जिसमें कर-मुक्त और कर योग्य दोनों तरह के उत्पाद बिकते हैं, वहां बिक्री का अलग-अलग हिसाब रखना उपयोगी होता है।
इससे कारोबारी को:
- GST रिटर्न भरने में
- बिक्री का हिसाब रखने में
- ITC की गणना करने में
- कर विभाग के रिकॉर्ड से मिलान करने में
सुविधा होती है।
क्या ब्रेड बेचने वाले को Input Tax Credit यानी ITC मिलेगा?
Input Tax Credit (ITC) का मतलब है कि पात्र GST पंजीकृत कारोबारी अपने कारोबार में इस्तेमाल होने वाली पात्र वस्तुओं और सेवाओं पर दिए गए GST का क्रेडिट, कानून की शर्तें पूरी होने पर ले सकता है।
लेकिन अगर कोई इनपुट या सेवा कर-मुक्त बिक्री से जुड़ी है, तो उसका पूरा ITC लेना हमेशा संभव नहीं होता।
CGST Act की धारा 17(2) के अनुसार, जब खरीद का उपयोग कर योग्य और कर-मुक्त दोनों तरह की आपूर्ति के लिए होता है, तो ITC को संबंधित नियमों के अनुसार कर योग्य आपूर्ति तक सीमित किया जाता है।
केवल सामान्य GST-मुक्त ब्रेड बेचने वाली बेकरी का ITC
अगर कोई बेकरी केवल ऐसी Bread बेचती है जो GST से मुक्त है, तो कारोबारी अपनी हर खरीद पर दिए गए GST का पूरा ITC केवल इसलिए नहीं ले सकता क्योंकि उसका GST Registration है।
उदाहरण के लिए, बेकरी ने कोई मशीन खरीदी और उस खरीद पर GST दिया। अगर मशीन का इस्तेमाल पूरी तरह कर-मुक्त बिक्री के लिए हो रहा है, तो ITC की उपलब्धता पर संबंधित नियम लागू होंगे।
इसलिए ITC लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि खरीद किस प्रकार की बिक्री से जुड़ी है।
अगर बेकरी में कर-मुक्त और कर योग्य दोनों उत्पाद हैं
मान लीजिए किसी बेकरी में ये उत्पाद बिकते हैं:
- सामान्य Bread
- Pizza Bread
- Rusk
- Cake
- Biscuit
- Pastry
- अन्य बेकरी उत्पाद
इनमें अलग-अलग GST दरें लागू हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति में बेकरी को खरीद और बिक्री का उचित हिसाब रखना चाहिए। जो खरीद केवल कर योग्य बिक्री से जुड़ी है, उसका ITC अलग तरीके से देखा जाएगा और जो खर्च कर-मुक्त तथा कर योग्य दोनों बिक्री से जुड़ा है, उसमें लागू ITC नियमों के अनुसार अनुपात निर्धारित करना पड़ सकता है।
क्या घर से ब्रेड बेचने वाले को GST Registration चाहिए?
घर से Bread या अन्य बेकरी उत्पाद बेचने वाले व्यक्ति के लिए GST Registration की जरूरत केवल इस बात से तय नहीं होती कि वह घर से सामान बेच रहा है।
इसके लिए कई बातों को देखना पड़ता है, जैसे:
- कुल वार्षिक कारोबार
- कर योग्य बिक्री
- कारोबार की प्रकृति
- लागू पंजीकरण सीमा
- अनिवार्य GST Registration से जुड़े नियम
- बिक्री किस राज्य या राज्यों में की जा रही है
इसलिए किसी एक निश्चित राशि को हर घर से कारोबार करने वाले व्यक्ति पर लागू मानना सही नहीं होगा।
अगर कारोबार बढ़ रहा है या अलग-अलग राज्यों में बिक्री हो रही है, तो पंजीकरण की आवश्यकता अलग हो सकती है। कारोबारी को अपनी वास्तविक स्थिति के अनुसार वर्तमान GST नियम देखना चाहिए।
क्या छोटी बेकरी को GST Registration लेना पड़ता है?
छोटी बेकरी के लिए GST Registration की जरूरत उसके कारोबार और लागू GST नियमों पर निर्भर करती है।
अगर कारोबार उस सीमा के अंदर है जहां पंजीकरण जरूरी नहीं है और कोई अनिवार्य पंजीकरण वाली स्थिति लागू नहीं होती, तो केवल Bread बेचने के कारण पंजीकरण अनिवार्य मानना सही नहीं होगा।
लेकिन अगर कारोबारी पंजीकृत है, तो उसे अपने उत्पादों की GST स्थिति और संबंधित अनुपालन नियमों का पालन करना होगा।
ब्रेड पर GST को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी
ब्रेड के मामले में सबसे आम गलती यह है कि लोग मान लेते हैं कि:
“पैकेट वाली या ब्रांडेड Bread पर 5% GST लगता है।”
वर्तमान CBIC दर सूची इस सामान्य धारणा का समर्थन नहीं करती। सामान्य Bread के लिए सूची में साफ तौर पर “branded or otherwise” लिखा है और उसे 0% GST वाली श्रेणी में रखा गया है।
इसलिए केवल ब्रांड या पैकिंग देखकर सामान्य Bread पर 5% GST नहीं लगाना चाहिए।
ब्रेड पर GST लगाने में होने वाली सामान्य गलतियां
हर ब्रेड पर GST लगा देना
कई कारोबारी यह मान लेते हैं कि GST में पंजीकृत होने के बाद दुकान में बिकने वाली हर वस्तु पर GST लगाना जरूरी है। ऐसा नहीं है।
किसी वस्तु पर GST लगेगा या नहीं, यह उसके वर्गीकरण और उस पर लागू सरकारी दर के आधार पर तय होता है। सामान्य Bread के लिए वर्तमान CBIC सूची में 0% GST दिया गया है।
इसलिए कारोबारी को पहले यह देखना चाहिए कि वह कौन-सा Bread उत्पाद बेच रहा है और वह किस HSN प्रविष्टि में आता है।
गलत HSN Code डालना
गलत HSN Code डालने से बिल और GST रिटर्न में गलत जानकारी जा सकती है।
बेकरी में सामान्य Bread, Pizza Bread, Rusk, Cake और अन्य उत्पादों की कर श्रेणी अलग हो सकती है। इसलिए सभी उत्पादों के लिए एक ही HSN Code इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
बिल बनाने से पहले उत्पाद का सही HSN Code जांचना चाहिए।
सभी बेकरी उत्पादों पर एक ही GST दर लगाना
सामान्य Bread पर 0% GST होने का मतलब यह नहीं है कि Pizza Bread, Rusk, Toasted Bread, Cake या अन्य बेकरी उत्पाद भी 0% होंगे।
उदाहरण के लिए, वर्तमान CBIC सूची में Pizza Bread और Rusk/Toasted Bread के लिए 5% GST दिया गया है।
इसलिए हर उत्पाद को उसके वास्तविक वर्गीकरण के अनुसार देखना चाहिए।
गलत ITC लेना
कर-मुक्त और कर योग्य दोनों प्रकार की बिक्री करने वाली बेकरी को ITC के मामले में विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
अगर कोई खर्च कर-मुक्त बिक्री से संबंधित है, तो उसका ITC लागू नियमों के अनुसार सीमित या उपलब्ध नहीं हो सकता। और अगर खर्च दोनों प्रकार की बिक्री से जुड़ा है, तो ITC के बंटवारे के नियम लागू हो सकते हैं।
इसलिए केवल GST वाला बिल होने के आधार पर हर खरीद का पूरा ITC नहीं लेना चाहिए।
पुराने GST नियम के अनुसार बिल बनाना
GST की दरें और वर्गीकरण समय के साथ बदल सकते हैं। इंटरनेट पर उपलब्ध पुराने लेखों में Bread की GST दर के बारे में ऐसी जानकारी मिल सकती है जो वर्तमान नियमों से मेल नहीं खाती।
इसलिए कारोबारियों को पुराने लेख या पुराने बिल के बजाय वर्तमान CBIC GST दर सूची और लागू सरकारी अधिसूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
ब्रेड पर GST – एक नजर में
| उत्पाद | HSN Code | GST की स्थिति |
|---|---|---|
| सामान्य Bread | 1905 | 0% |
| ब्रांडेड सामान्य Bread | 1905 | 0% |
| बिना ब्रांड वाली सामान्य Bread | 1905 | 0% |
| Pizza Bread | 1905 | 5% |
| Rusk | 1905 40 00 | 5% |
| Toasted Bread | 1905 40 00 | 5% |
| अन्य बेकरी उत्पाद | संबंधित HSN | उत्पाद के अनुसार |
CBIC की वर्तमान दर सूची में सामान्य Bread को 0% रखा गया है, जबकि Pizza Bread और Rusk/Toasted Bread को 5% वाली अलग प्रविष्टियों में रखा गया है।
इसलिए किसी बेकरी के सभी उत्पादों पर एक ही GST दर लगाना सही नहीं है।
बेकरी कारोबारियों के लिए जरूरी बातें
अगर आप Bread या बेकरी उत्पादों का कारोबार करते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- सामान्य Bread की वर्तमान GST स्थिति जरूर जांचें।
- केवल ब्रांड या पैकेट होने के आधार पर GST न लगाएं।
- Pizza Bread को सामान्य Bread के समान न मानें।
- Rusk और Toasted Bread के लिए अलग GST प्रविष्टि देखें।
- हर उत्पाद का सही HSN Code रखें।
- कर-मुक्त और कर योग्य बिक्री का सही रिकॉर्ड रखें।
- GST Registration होने का मतलब यह नहीं है कि हर उत्पाद कर योग्य होगा।
- ITC लेने से पहले यह देखें कि खरीद किस प्रकार की बिक्री से संबंधित है।
- एक ही खरीद का उपयोग कर-मुक्त और कर योग्य दोनों बिक्री में होने पर ITC के बंटवारे के नियम देखें।
- पुराने लेखों की दरों के आधार पर बिल न बनाएं।
- GST दर बदलने की स्थिति में अपनी बिल व्यवस्था को अपडेट करें।
- बड़े या जटिल बेकरी कारोबार में कर विशेषज्ञ से वर्गीकरण की पुष्टि कराना बेहतर है।
ब्रेड पर GST से जुड़े जरूरी उदाहरण
उदाहरण 1 – सामान्य ब्रेड
एक दुकानदार सामान्य Bread का एक पैकेट ₹50 में बेचता है और वह HSN 1905 की 0% GST वाली श्रेणी में आता है।
तो ग्राहक से:
ब्रेड की कीमत = ₹50
GST = ₹0
कुल राशि = ₹50
उदाहरण 2 – Pizza Bread
अगर Pizza Bread की कर योग्य कीमत ₹100 है और उस पर 5% GST लागू है:
उत्पाद की कीमत = ₹100
GST = ₹5
कुल राशि = ₹105
एक ही राज्य के भीतर लागू नियम के अनुसार ₹5 को CGST और SGST में बांटा जा सकता है।
उदाहरण 3 – Rusk
अगर Rusk की कीमत ₹200 है और उस पर 5% GST लागू है:
उत्पाद की कीमत = ₹200
GST = ₹10
कुल राशि = ₹210
इस उदाहरण से यह समझना आसान है कि सामान्य Bread और Rusk को एक ही GST दर से नहीं देखना चाहिए।
निष्कर्ष
ब्रेड पर GST को समझने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका यह है कि केवल “ब्रेड” नाम देखकर कर की दर तय न की जाए। सामान्य Bread और उससे जुड़े दूसरे बेकरी उत्पादों की GST प्रविष्टियां अलग हो सकती हैं।
वर्तमान CBIC GST दर सूची के अनुसार सामान्य Bread, चाहे वह ब्रांडेड हो या बिना ब्रांड वाली, HSN 1905 के अंतर्गत 0% GST वाली श्रेणी में है। दूसरी तरफ Pizza Bread पर 5% और Rusk, Toasted Bread तथा इसी तरह के Toasted Products पर 5% GST है।
इसलिए “पैकेट वाली ब्रेड पर 5%” या “ब्रांडेड ब्रेड पर 5%” जैसी पुरानी या सामान्य जानकारी के आधार पर बिल बनाना सही नहीं है।
बेकरी कारोबारियों को अपने प्रत्येक उत्पाद का सही HSN Code, GST दर, बिक्री का रिकॉर्ड और ITC से संबंधित नियमों को ध्यान से देखना चाहिए। खासकर जब एक ही बेकरी में सामान्य Bread के साथ Pizza Bread, Rusk, Cake, Biscuit, Pastry और अन्य उत्पाद भी बेचे जाते हों।
GST नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। इसलिए किसी भी बड़े कारोबारी निर्णय या बिलिंग में बदलाव करने से पहले वर्तमान CBIC GST दर सूची और लागू सरकारी अधिसूचना की जांच करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
