
भारत में लाखों बच्चों के लिए मिड-डे मील योजना सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि शिक्षा और पोषण का मजबूत सहारा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा भूखा रहकर पढ़ाई से दूर न हो। खासकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए यह योजना बेहद उपयोगी साबित हुई है।
⭐ मिड-डे मील योजना क्या है?
मिड-डे मील योजना की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को
National Programme of Nutritional Support to Primary Education (NP-NSPE) नाम से की गई थी।
अक्टूबर 2007 में इसका नाम बदलकर National Programme of Mid Day Meal in Schools कर दिया गया, जिसे आम तौर पर MDM Scheme कहा जाता है।
इस योजना के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, स्थानीय निकाय स्कूलों, विशेष प्रशिक्षण केंद्रों, मकतब और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जाता है।
⭐ किन बच्चों को मिड-डे मील मिलता है?
- कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चे
- आयु वर्ग 6 से 14 वर्ष
- सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल
- सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े विशेष केंद्र
⭐ मिड-डे मील योजना के उद्देश्य
इस योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का स्कूल में नामांकन बढ़ाना
- बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना
- कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को पढ़ाई में बनाए रखना
- बच्चों को पोषण युक्त भोजन देना
- भूख और कुपोषण की समस्या को कम करना
- बच्चों में सामाजिक समानता और मेलजोल बढ़ाना
⭐ मिड-डे मील योजना की प्रमुख विशेषताएं
- स्कूल परिसर में ही स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से भोजन पकाया जाता है
- भोजन केवल कार्य दिवसों में दिया जाता है
- खाने की गुणवत्ता के लिए AGMARK सामग्री का उपयोग
- स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य भोजन चखते हैं
- राज्य स्तर पर निगरानी समिति योजना की देखरेख करती है
- भोजन न मिलने की स्थिति में Food Allowance दिया जाता है
⭐ मिड-डे मील योजना में मिलने वाला भोजन (प्रति बच्चा)
📊 भोजन सामग्री की मात्रा
| खाद्य सामग्री | प्राथमिक (कक्षा 1–5) | उच्च प्राथमिक (कक्षा 6–8) |
|---|---|---|
| अनाज | 100 ग्राम | 150 ग्राम |
| दाल | 20 ग्राम | 30 ग्राम |
| सब्जियां | 50 ग्राम | 75 ग्राम |
| तेल / वसा | 5 ग्राम | 7.5 ग्राम |
| नमक व मसाले | आवश्यकता अनुसार | आवश्यकता अनुसार |
⭐ पोषण मानक (प्रति स्कूल दिवस)
| पोषण तत्व | प्राथमिक | उच्च प्राथमिक |
|---|---|---|
| ऊर्जा | 450 कैलोरी | 700 कैलोरी |
| प्रोटीन | 12 ग्राम | 20 ग्राम |
⭐ भोजन सामग्री का परिवहन अनुदान
- विशेष श्रेणी के राज्यों को परिवहन सब्सिडी
- अन्य राज्यों को अधिकतम ₹75 प्रति क्विंटल तक सहायता
⭐ मिड-डे मील योजना के फायदे
- बच्चों को रोजाना पौष्टिक भोजन
- स्कूल छोड़ने की दर में कमी
- गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम
- बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार
- शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ना
🔚 निष्कर्ष
मिड-डे मील योजना ने भारत में शिक्षा और पोषण के बीच की दूरी को काफी हद तक कम किया है। यह योजना न केवल बच्चों को भूख से बचाती है, बल्कि उन्हें नियमित स्कूल आने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करती है। आने वाले समय में इस योजना का सही क्रियान्वयन देश के भविष्य को और मजबूत बनाएगा।
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